हमारी सफलता की कहानी
2 लाख से अधिक किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव
भारतीय परंपरा और आधुनिक विज्ञान का संगम
प्रकृति 5 महाभूतों से बनी है। यदि इन पंच महाभूतों को खेती की मिट्टी, बीज और पानी में संतुलित किया जाए, तो प्रकृति की स्वयंपोषी, स्वयंविकासी और स्वयंपूर्ण व्यवस्था स्वतः सक्रिय हो जाती है।
पंचमहाभूत अर्थात पांच महाजीव (भूमि गगन वायु अग्नि नीर) जिन्होंने इस धरती में जीवन की विशाल रचना खड़ी की जिसे हम आज प्रकृति कहते हैं। प्रकृति निर्माण की रचना में -

भूमि
बीज को उगाती है
गगन
बीज निर्माण करता है
वायु
जीवन देता है
अग्नि
ऊर्जा प्रदान करती है
नीर
जीवन पूर्ण करता है
TCBT आधारित प्राकृतिक कृषि विज्ञान
सूक्ष्म ऊर्जा, पंचमहाभूत और रसायन-मुक्त प्रक्रियाओं से उपज, स्वास्थ्य और स्थिरता
HOW IT WORKS
🌾 TCBT प्राकृतिक खेती – 4 चरणों में
खेत की वर्तमान स्थिति से शुरू करते हुए, चरणबद्ध तरीके से TCBT तकनीक अपनाई जाती है ताकि किसान को हर कदम पर स्पष्ट मार्गदर्शन मिले।
चरण 1
🌱 मिट्टी और फसल का आकलन
खेत की मिट्टी, फसल, जल उपलब्धता और पिछले रसायन उपयोग का संक्षिप्त विश्लेषण किया जाता है। इसी आधार पर TCBT पैकेज चुना जाता है।
चरण 2
🌾 मिट्टी और बीज का उपचार
पंचमहाभूत सिद्धांत के अनुसार मिट्टी, बीज और जल का जैविक उपचार किया जाता है ताकि फसल की शुरुआत से ही मजबूत आधार बने।
चरण 3
🌿 फसल वृद्धि और रोग प्रबंधन
फसल के विकास चरण के अनुसार TCBT ऊर्जा जल, अणु जल, जीवाणु जल जैसी विधियाँ अपनाई जाती हैं, जिससे रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
चरण 4
🌻 कटाई, विश्लेषण और अगला सीजन
फसल कटाई के बाद उत्पादन, गुणवत्ता और लागत का आकलन किया जाता है। इसके आधार पर अगले सीजन के लिए और भी बेहतर योजना बनाई जाती है।
हमारे किसान
क्या कहते हैं
सफल किसानों की सच्ची कहानियां और उनकी उपलब्धियां

8 माह में प्रति एकड़ 23 टन अदरक उत्पादन
TCBT की जैविक तकनीक से मेरी अदरक की फसल में अद्भुत वृद्धि हुई।
"— श्री बाला साहेब माने, सतारा, महाराष्ट्र
