राचंद बेलजी तकनीक वृक्षायुर्वेद कृषि प्रकृति के ऊर्जा विज्ञान एवं पंचमहाभूतों के व्यवस्था विज्ञान पर आधारित है। यह तकनीक पंचमहाभूत (भूमि, गगन, वायु, अग्नि, नीर) को शुद्ध, सजीव, संस्कारित करते हुए फसलों की स्वयं पोषी-स्वयं विकासी-स्वयं पूर्ण व्यवस्था को स्थापित करती है। उपलब्ध खाद्यान्न पंचतत्व की ऊर्जा से पूर्ण पौष्टिक और षडरस (खट्टा-मीठा, नमक, कटू, तिक्त, कसाय) युक्त स्वादिष्ट होता है।

देशी गाय का महत्व
देशी भारतीय गाय होना चाहिए और गोबर की ऊर्जा पॉजिटिव और पंचमहाभूत पूर्ण हो

अग्निहोत्र भस्म
अग्निहोत्र भस्म में पंचमहाभूतों की पाँचों ऊर्जाएं होनी चाहिए

कृषि भूमि की ऊर्जा
कृषि भूमि की ऊर्जा पॉजिटिव हो और पंचमहाभूत पूर्ण हो

बीजों की ऊर्जा
बीजों की ऊर्जा पॉजिटिव हो और पंचमहाभूत पूर्ण हो

जल की शुद्धता
जल की ऊर्जा पॉजिटिव हो और पंचमहाभूत पूर्ण हो

भूमि का PH स्तर
भूमि के PH 7.2, और कार्बन 1% से ऊपर हो

बीज बोवाई
बीजों को निश्चित नक्षत्र पर बोवाई करें (TCBT कृषि पंचाग के अनुसार) बीज शोधन और बीज संस्कार भी अपनाएँ

अमावस्या प्रक्रिया
हर अमावस्या के आसपास ऊर्जा जल एवं अणु जल फसलों में सिंचाई के साथ डालें और छाछ द्रव्य रसायन का स्प्रे करें

पूर्णिमा प्रक्रिया
हर पूर्णिमा के आसपास हाई सीएन रेशियो एवं जीवाणु जल फसलों में सिंचाई के साथ डालें, पंचगव्य का स्प्रे करें
टीसीबीटी कृषि अभियान
रसायन मुक्त कृषि • बाजार मुक्त किसान
