TCBT JAIVIK KISHAN
TCBT JAIVIK KISHAN
0
  • TCBT वृक्षायुर्वेद विज्ञान

    पंचमहाभूत संतुलन व्यवस्था
Five Elements

भूमि तत्व

भूमि तत्व प्रकृति का आधार तत्व है माता तत्व है, यही तत्व से शेष 4 महाभूत का आंकलन किया जा सकता है, इसकी तृण मात्रा (सूक्ष्म उर्जा इकाई) को रुप कहा गया है। भूमि से निकालने पर इसका स्वरूप ठोस मिलता है, गगन में इसका स्वरुप रंग कहलाता है, वायु में इसका स्वरुप गंध कहलाता है, अग्नि में इसका स्वरूप "स्वर" कहलाता है और नीर में इसका स्वरुप "स्पर्श" कहलाता है।

फसल में भूमि तत्व की कमी के लक्षण

  • पत्तियों का टेड़ा मेंड़ा बनना 
  • पत्तियों का आधा भाग सुखना
  • तने की गठाने पास पास होना 
  • फलों का आधा गलना 
  • फलों तनों के अंदर इल्लियों का आना 
  • पत्तों फूलों में रस चूसक कीटो का ज्यादा आना

फसल में भूमि तत्व के कमी का समाधान

स्थाई उपाय

1) लाल-पीली- सफेद मिट्टी और गोवर्धन खाद डालें। 

2) TCBT भस्म रसायन बनाकर जमीन में डालें। 

3) अणु जल और फसल घुट्टी बनाकर सिंचाई के पानी में मिलाकर भूमि में चलाएं। 

4) जीवाणु जल / सजीव जल/पंचगव्य घोल सिंचाई के जल में मिलाकर चलाएं

तत्कालिक उपाय

1) फसल की शुरूआती अवस्था में फसल में 20% ऊर्जा जल और 20% अणु जल मिलाकर स्प्रे करें। 

2) TCBT के नत्रधन और फास्फो पोटाश तरल का स्प्रे करें। फल बनने की अवस्था में पोटाश और खनिज भस्म का स्प्रे करें। 

3) सुबह शाम गंध चिकित्सा करके फसल को भूमि तत्व दे सकते हैं। 

4) नीले-पीले-हरे काँच के बॉटल में गौमूत्र भस्कर हप्ता-15- महिना भर सूर्य प्रकाश दिखाकर 10 से 15 mi प्रति पानी में मिलाकर फसलों पर स्प्रे करें।

गगन तत्व

गगन तत्व रिक्त तत्व है, शून्य तत्व है, इस तत्व का निर्माण केवल 3 ऊर्जाओं शैलपुत्री, ब्रम्हचारिणी व चंद्रघंटा से हुआ है। कोई भी पदार्थ इसी शून्य में (गगन तत्व में) पहुंचकर ऊर्जा में बदलता है, मनुष्य सहित सभी जीवो के अंदर की रिक्तता ही उसे ऊर्जा प्रदान करती है, प्रकृति के निर्माण में सबसे पहले आकाश तत्व का ही उदय हुआ, इसी ने ही अन्य तत्वों का निर्माण किया, सभी तत्व इसके अंदर होते है इसीलिए भारतीय दर्शन में इसे पिता तत्व कहा गया है। सभी जड़ चेतन के अंदर ऊर्जा प्राप्त करने के लिए गगन तत्व का होना आवश्यक है।

फसल में गगन तत्व की कमी के लक्षण

1) जिस खेत की मिट्टी में गगन तत्व नहीं होता वहां अंकुरण क्षमता वाले बीज नहीं बनते है। 

2) फल का वजन कम रहता है। 

3) फूल झड़ते हैं। 

4) पौधे में ऊंचाई नहीं आती है। 

5) पत्ते छोटे रहते हैं।

फसल में गगन तत्व के कमी का समाधान

स्थाई उपाय

1) सूर्य तप्त गौमूत्र 10 लीटर सिंचाई जल के साथ जमीन पर जाने दें। 

2) बिना जुताई करे हुए मिट्टी का सौर्याकरण करें (मिट्टी को धूप दिखाएं)। 

3) फूल आने के पहले पौधे को तान दें (खुराक पानी बंद करना)

तत्कालिक उपाय

1) 3ml सूर्य तप्त पीले बॉटल का गौमूत्र प्रति लीटर पानी में मिलाकर फसलों पर स्प्रे करें। 

2) गगन महाभूत से प्रार्थना करें कि वह हमारे फसलों में बीज तत्व निर्माण में सहायता करें।

वायु तत्व

वायु मनुष्य में जीवन ऊर्जा का प्रवाह है. हम जो भी पोषण लेते हैं वह प्राण वायु (ऑक्सीजन) वायु के साथ मिलकर हमारे शरीर के रोम-रोम तक जाता है, और वहां जीवन ऊर्जा उत्पन्न करता है पोषण देता है। ऊर्जा के साथ साथ शरीर में रस, रक्त, मांस, मज्जा, अस्थि, मेधा और वीर्य भी बनाता है, वायु का गुण प्रवाह है, सतत प्रवाह इससे हमारे शरीर को लचक देता है।

फसल में गगन वायु की कमी के लक्षण

पौधे में वायु तत्व कम होने से विकास रुक जाता है, चमड़ी शुष्क पड़ती है पत्ते और फलों में स्वाद नहीं रहता है पत्तों में नसे उभर आती है।

फसल में वायु तत्व के कमी का समाधान

स्थाई उपाय

1) मिट्टी में तिल की हरी खाद, जीवाणु कम्पोष्ट खाद डालें। 

2) बिना जुताई मिट्टी में दरारे पड़ने दें।

तत्कालिक उपाय

1) ऊर्जा जल में अग्निहोत्र भस्म की मात्रा बढ़ाकर (100 लीटर पानी में 500 ग्राम भस्म का घोल) जड़ों में दें। 

2) 200 लीटर जीवाणु जल में 20 लीटर जैव रसायन मिलाकर फसलों की जड़ों में दें।

अग्नि तत्व

अग्नि तत्व ऊर्जा को पदार्थ में और पदार्थ को ऊर्जा में बदलने वाला तत्व है, इसका सब स्थानों पर प्रकृति द्वारा नियत स्थिति में सम रहना आवश्यक है, जैसे ही विषम होता है, जीवन रचना ही बदल जाती है। यह शेष महाभूतों सहित अन्य जड़ चेतन को शुद्ध करने में अपनी भूमिका निभाता है। ताराचंद बेलजी कृषि तकनीक में अग्निहोत्र अनिवार्य यज्ञ भाग है, अग्निहोत्र यज्ञ से ही पंचमहाभूतों को शुद्ध और शक्तिशाली बनाया जाता है।

फसल में अग्निन की कमी के लक्षण

पत्तों में हल्का पीलापन आना, पत्तों का कड़क न रहना, सूर्य प्रकाश का अवशोषण कम होना, प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया का पूर्ण ना होना, फूलो पत्तों में चमक न रहना।

फसल में अग्निन तत्व के कमी का समाधान

स्थाई उपाय

1) राह खनिज भस्म को अंतिम जुताई या बुआई पूर्व जमीन में डालें।

2) लाल, सफेद मिट्टी और ज्वालामुखी मिट्टी जुताई, बुआई पूर्व जमीन में डालें।
तत्कालिक उपाय
1) लाल, पीली कांच के बॉटल में सूर्य तप्त गौमूत्र 6 लीटर बनाकर सिंचाई जल के साथ जड़ों में डाले और 10 ml प्रति लीटर पानी की दर से फसलों पर स्प्रे करें।
2) 20% ऊर्जा जल और RAH FPO के खनिज भस्म 3 ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर फसलों पर स्प्रे करें।

जल तत्व

जल तत्व की सूक्ष्म इकाई नीर कहलाती है, जो सबकी प्यास बुझाती दे, सबको जीवन देती है। ऊर्जा को बांधने का काम जल तत्व ही करता है, जल तत्व ही ऊर्जा को प्रत्येक अंगों तक पहुंचा कर उनका आहार पूर्ण करने का काम करता है, जिसे "प्रत्याहार" कहा गया है। हमने प्राकृतिक खेती में जब से जल के साथ ऊर्जा को, अणुओं को, जीवाणु को फसलों में देना शुरु किया यथा ऊर्जा जल, अणु जल, जीवाणु जल, भूमि जल, मीठा जल, सजीव जल आदि.. तब से ही हमे पूर्ण प्रभावी परिणाम प्राप्त हुए है।

फसल में जल की कमी के लक्षण

पत्तियों की ऊपरी भाग का सूख जाना, किनारे के भाग का सिकुड़ जाना, पत्तियों का चमक कम हो जाना, पत्तियों का मुरझाना, फलों का स्वाद कम होना, फलों में रस का कम होना

फसल में जलतत्व के कमी का समाधान

स्थाई उपाय

1) हर अमावस्या, पूर्णिमा सिंचाई स्रोत में भूमि जल (अग्निहोत्र भस्म, फिटकरी और गौमूत्र का घोल) और हर एकादशी मीठा जल (दूध और जैव रसायन) डालें। 

2) जमीन में सफेद मिट्टी (जिप्सम) डालें। तिल की हरी खाद, कम्पोष्ट खाद जमीन में गड़ाएं। 3) प्रति एकड़ 250 ग्राम भूमिराजा बुआई पूर्व जमीन पर डालें। 

4) TCBT अन्न द्रव्य रसायन बनाकर भूमि में डालें।

तत्कालिक उपाय
हर सिंचाई के पूर्व जमीन पर माथा टिकाकर माता गंगा से प्रार्थना करे, (हें गंगा माता, यह जल मेरे फसलों के पोषण के लिए है, कृपया आप अपनी शक्ति प्रदान करें, हे ईश्वर इस कार्य में मेरी सहायता करें।)

नोट - मिट्टी निगेटिव हो तो पंच महाभूत संतुलन से पहले मिट्टी में ऊर्जा जल डालकर मिट्टी को पॉजिटिव करें तभी इच्छित परिणाम प्राप्त होंगे। या नियमित प्रार्थना करके मिट्टी को पॉजिटिव बनाए रखें।

Items have been added to cart.
One or more items could not be added to cart due to certain restrictions.
Added to cart
Quantity updated
- An error occurred. Please try again later.
Deleted from cart
- Can't delete this product from the cart at the moment. Please try again later.