हाई C:N रेशियो घोल

बनाने कि विधि और उपयोग
उक्त सबको घोलकर जालीदार कपड़े से ढ़क्कर 11 दिन तक रखें तत्पश्चात सिंचाई के पानी में मिलाकर फसलों की जड़ों में जमीन पर जाने दें। और 20 लीटर उक्त हाई CIN रेशियो घोल को छानकर 200 लीटर पानी में मिलाकर फसलों पर स्प्रे करें।
ज्यादा मात्रा में बनाना है तो उक्त सामाग्रियों को उसी अनुपात में बढ़ाएं।
लाभ - इस घोल को जमीन में डालने से मिट्टी में कार्बन, नाईट्रोजन की मात्रा 14:1 की दर से बढती है, फसलों की जड़ों का तेजी से विकास होता है। सिंचाई के जल में मिलाकर इस घोल को चलाने से अगली सिंचाई की अवधि बढ़ जाती है। पौधों की पत्तियां हरी कच्च हो जाती है और पत्तियों की चौड़ाई भी बढ़ जाती है। मिट्टी में जीवाणुओं की मात्रा में बहुत वृद्धि होने लगती है।
जैव रसायन
विशेषः- मीठा जैव रसायन बनाने के लिए केवल मीठे फल लें। ऐसे ही खट्टा जैव रसायन बनाने के खट्टे फल, कड़वा जैव रसायन के लिए केवल कड़वे फल ही लेना है।
बनाने की विधि - पहले पानी में गुड़ डालकर घोल लें, फिर फलो को काटकर घोल में डाल दें। ड्रम को एयरटाइट बन्द कर दें, ड्रम के ऊपर बनाने का दिनांक लिख दें या पर्ची चिपका दें। ड्रम में गैस बने तो इतना ही ढक्कन खोलें की गैस निकल जाये (पहले सप्ताह विशेष ध्यान रखें) । 90 दिन में जैव रसायन तैयार हो जाता है। यदि इसे 21 दिन में बनाना है तो फलों को पानी के बजाए जीवाणु जल में मिलाएं, इसकी उपयोग अवधि 2 माह है। 90 दिन में बनने वाले जैव रसायन की उपयोग अवधि 3 साल है। बसर्त इसे छांव में रखें।
उपयोग विधि
- मिट्टी को मुलायम बनाने के लिए और फसलों के विकास हेतु हर बार सिंचाई के समय 200 लीटर जीवाणु जल में 10 लीटर जैव रसायन मिलाकर खेत में चलाएं।
- जीवाणु बढ़ाने के लिए जीवाणु घोल में 1% की दर से मिलाएं।
- फसलों के विकास के लिए 5 ml प्रति लीटर पानी की दर से मिलाकर छिड़काव करें एवं फलदार पेड़ पौधों में 1% की दर से छिड़काव करें।
- समय से पहले फूल लाने के लिए एवं फल को झड़ने से रोकने के लिए खट्टा जैव रसायन 2 ml प्रति लीटर पानी की दर से छिडकाव करें (फलदार पेड़ पौधों में मात्रा 1% रखें)।
- कीट आने के पूर्व या अमावस्या के पूर्व कड़वा जैव रसायन का फसलों पर 2 ml प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें।
फसल घुट्टी
बनाने की विधि
सबसे पहले 100 लीटर पानी में 10 किलो खली मिलाएं, खली को 10 मिनट तक फूलने दें और फिर इसमें 2 किलो बिना बुझा चूना मिलाएं और खली और चूना को घुलने दें फिर इसमें 5 किलो नमक मिलाएं, 8 से 10 घंटे में यह घोल तैयार हो जाता है, इस घोल का पीएच अधिक (छारिय) हो जाता है इसके छार को कम करने के लिए 10 लीटर राह जीवन ऊर्जा मिलाएं। और सिंचाई जल के साथ मिलाकर जमीन में जड़ों के आसपास जाने दें।
लाभ
खली से फास्फोरस, पोटाश, नाइट्रोजन, सल्फर जैसे तत्व एवं चूना से कैल्शियम और नमक से सोडियम पोटेशियम जैसे मिनरल्स प्राप्त होते हैं, जिसके कारण फसल में तुरंत चमक और ग्रोथ दिखनी शुरू हो जाती है।
प्रयोग अवधि समय सीमा - 1 सप्ताह
अन्न द्रव्य रसायन

बनाने की विधि
- 2 किलो चावल को पकाकर उसमें 500 ग्राम गुड़ मिलाकर मटके में भरकर मटके के मुंह को मिट्टी के ही ढक्कन से बंद करके किसी मीठे फलदार पेड़ के नीचे आधा गढ़ा कर 7 दिन रखें।
- फिर मटके से चावल निकालकर 5 लीटर पानी डालकर पेस्ट बना लें, फिर इस पेस्ट को 200 लीटर पानी व 2 किलो गुड़ के घोल में डालकर 4 दिन रखें। तत्पश्चात फसलों की जड़ों में डालें।
- हर पूर्णिमा के आसपास जमीन में सिंचाई जल के साथ जाने दें।
इससे फसलों में सफेद जड़ बहुत तेजी से बढ़ती है। केला, पपीता और सब्जी वर्गीय फसलों की जड़ बहुत तेजी से बढ़ती है।
प्रयोग अवधि समय सीमा - 1 माह



