टीसीबीटी (ताराचंद बेलजी तकनीक) कृषि विज्ञान के ऊर्जा जल, अणु जल, जीवाणु जल, फसल घुट्टी और हाई सीएन रेशियो स्लरी घोल उपयोग में 500 एकड़ भूमि में खेती कर रहा हूँ। नीबू, अमरूद, छीताफल, मिर्च, टमाटर, जीरा आदि 35 तरह की फसलों का उत्पादन कर रहूँ, हर फसलों की उपज आसपास की रासायनिक खेती से अधिक प्राप्त होता है। खेती से मेरी 20 करोड़ का वार्षिक टर्नओवर है। मेरी खेती एनपीओपी और यूएसडी प्रमाणित जैविक खेती है। श्री लेखराम यादव, ग्राम- गोरधनपुरा, कोटपुतली, राजस्थान मो. 7048946004
5 एकड़ में 7 लाख रुपये की वार्षिक उपज कपास और सरसों में अधिकतम उत्पादन
2019 से मैने जैविक खेती की शुरूआत की, ताराचंद बेलजी तकनीक से भूमि उपचार की प्रक्रिया करते हुए कपास गेंहू, चना, सरसों की फसल ले रहा हूँ। सरसों की फसल में 12 क्विंटल 70 किलो प्रति एकड़ और कपास की फसल में 14 क्विंटल प्रति एकड़ उपज प्राप्त किया है। इस तकनीक ने मेरी कृषि पद्धति और मेरी जीवन शैली को पूरी तरह से बदल दिया है। मैने खेती में पंचमहाभूत को मापना सीख लिया है और इसी जाँच के आधार पर खेती करता हूँ। हर रविवार को आसपास के किसान टीसीबीटी ऊर्जा विज्ञान से खेती समझने मेरे खेत में आते हैं। श्री कृष्ण शर्मा, भिवानी, हरियाणा मो.- 9813686753
8 माह की अवधि में प्रति एकड़ 23 टन अदरक का उत्पादन
एमएससी एग्रोनॉमी की पढ़ाई के बाद मैंने डेरी उद्योग में नौकरी किया। टीसीबीटी पंचमहाभूत ऊर्जा विज्ञान को यूट्यूब में लगातार सुनने और समझने से मेरी खेती करने की इच्छा हुई। वर्ष 2023 में मुझे अपनी पैतृक जमीन खेती के लिए प्राप्त हुई। खेती की जमीन में 30 प्रतिशत पत्थर और मुरूम हैं, ऐसी जमीन पर मैंने कंद वाली फसल अदरक लेने का तय किया। मैंने 25 ट्राली गोबर की खाद को टीसीबीटी विधी से कम्पोस्ट खाद में तैयार किया। लाल, सफेद मिट्टी और गोवर्धन खाद डाला, तिल की हरी खाद जमीन में दबाई और बेड तैयार करके अदरक लगा दिया। 8 माह की अदरक की फसल से मुझे प्रति एकड़ 23 टन अदरक प्राप्त हुआ। श्री बाला साहेब माने, कुम्बडगांव, तह. गोरेगांव जिला सतारा, महाराष्ट्र मो.- 8291319409
6 एकड़ भूमि से 80 लाख का टमाटर उत्पादन
मैं पिछले 14 वर्ष से आधुनिक तरीके से टमाटर की खेती कर रहा है, 3 वर्ष पहले तक रासायनिक खेती की लागत बहुत बढ़ गई थी, परंतु फसल में बीमारियां भी आती थी, लागत के अनुपात में उत्पादन नहीं बढ़ रहा था। फिर मैंने यूट्यूब पर टीसीबीटी जैविक खेती के वीडियो देखें, ताराचंद बेलजी से बात की और इनके बनाए फार्मूले और उत्पाद प्रार्थना, अग्निहोत्र, ऊर्जा जल, जीवन ऊर्जा, खनिज भस्म और गोवर्धन खाद, कल्चर खाद डालना शुरू किय। पहले ही वर्ष में टमाटर की फसल में प्रति एकड़ 65 टन टमाटर प्राप्त किया है। 6 एकड़ की फसल में 80 लाख रुपये के टमाटर की बिक्री की है। मेरी लागत 30 प्रतिशत घटी है और उपज 30 प्रतिशत बढ़ गई है। श्री नितीन सेवले, ग्राम- मोकभंगी जिला-नासिक महाराष्ट्र, मो. 9021507413
कैमिकल से कठोर हो चुकि खेती अब मक्खन जैसे मलायम हुई
मैं चंदन जाट, ग्राम टवलाई खुर्द, पोस्ट कोठडा, तहसील मनावर, जिला धार मध्यप्रदेश से हूँ, पहले मैं केमिकल वाली खेती करता था मेरी लागत बहुत थी, फसलो में बीमारी बहुत आती थी। अब में गुरु जी के माध्यम से TCBT वृक्षायुर्वेद विज्ञान से खेती कर रहा हूँ। सबसे पहले मैंने प्रार्थना पद्धति अपनाई, 9 अक्टूबर 2022 में टीसीबीटी राष्ट्रीय किसान सम्मेलन कोटपुतली गया था, यहाँ से अग्निहोत्र पात्र लाया और अग्निहोत्र करना चालू किया। उसके बाद अपने खेतों में ऊर्जा जल बना कर डाला, अन्न द्रव्य रसायन, फसल घुट्टी बनाकर चला रहा हूँ। कचरा मलचिंग कर रहा हूँ। केमिकल खेती में मेरी जमीन बहुत कठोर हो गई थी, पानी पकड़ने की क्षमता कम हो गई थी। अब TCBT वृक्षायुर्वेद विज्ञान से जमीन नरम और मुलायम, मक्खन जैसी हो रही हैं। कार्बन कि मात्रा में भी बढ़ोत्तरी हो रही है। चंदन कुमार मोतीलाल जाट, ग्राम टवलई, मनावर, जिला धार, मप्र., मो. 9584368778
1.25 एकड़ भूमि से 3 लाख रुपये का वार्षिक उपज
खेती शुरू की थी। 40 दिन की अवस्था में तरबूज की फसल फंगस के कारण सूखने लगी थी। मैं महंगे महंगे ब्रांड को केमिकल फंगीसाइडों का स्प्रे किया। फसल सूखने से नहीं रूक रही थी। तब मैंने यूट्यूब में ताराचंद बेलजी तकनीक कृषि की वीडियों देखी, फंगस की समस्या के समाधान के लिए ऊर्जा जल, छाछ द्रव्य रसायन, का फार्मला देखा तरबूज की फसल में उपयोग किया तरबूज की फसल स्वस्थ्य और हरी भरी हो गई। टीसीबीटी के अन्य फार्मुले उपयोग करने से मुझे 200 क्विंटल तरबूज की उपज मिली। वर्ष 2023 में मैंने शुरू से टीसीबीटी पद्धति से आधा एकड़ में खरबूज की फसल लगाई। इस बार कोई बीमारी नहीं आई। मेरी फसल को देखने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के अखिल भारतीय अधिकारी पूर्व सर कार्यवाह माननीय भैया जी जोशी आए साथ में अन्य राज्यों के वैज्ञानिक और अधिकारियों ने भी अवलोकन किया। वर्तमान में एक वर्ष में एक एकड़ में पाँच फसलें लगाकर 15 लाख रुपये की आवक का मॉडल लगाया है। श्री निखिल रजक, करेली, मध्यप्रदेश मो.- 8103179336
एकड़ में 35 क्विंटल बासमती धान का उत्पादन
वर्ष 2021 से मैं टीसीबीटी वृक्षायुर्वेद विज्ञान के फार्मूले बनाकर अपनी पूरी 13 एकड़ में एक साथ टीसीबीटी खेती शुरू किया। वर्ष 2023 में बासमती धान (पूसा 1886) में 35 क्विंटल प्रति एकड़ तक उपज प्राप्त हुई। जो मंडी में 4800 रुपये प्रति क्विंटल बिका। मेरे घर का देशी सरसो का बीज जिसके पत्ते कभी हाथ के पंजों के बराबर से ज्यादा नहीं बढ़े उसी बीज के पत्ते टीसीबीटी कृषि में एक हाथ लम्बे हो गए। गुरुजी ने मेरे सरसो के पत्तों को देखकर हाथी के कान नाम दिया है। सरसो के पौधे 11 फूट बढ़े और प्रति एकड़ 8 क्विंटल की उपज प्राप्त हुई। मैं बेहतर कृषि, और बेहतर जीवन शैली सिखाने के लिए गुरुजी श्री ताराचंद बेलजी को हृदय से धन्यवाद देता हूँ। कित्ता बरार, ग्राम- बराड़कला, जिला- मुक्तसर साहिब, पंजाब, मो.-9872490902
52 एकड़ में प्रमाणित जैविक खेती, प्रति एकड़ 400 क्विंटल मिर्च का उत्पादन आ रहा है
दिवसीय जैविक खेती प्रशिक्षण आयोजित करवाया था। तब से मैं अपने 52 एकड़ की खेती में जैविक खेती कर रहा हूँ। मेरी खेती मध्यप्रदेश राज्य जैविक प्रमाणिकरण संस्था द्वारा जैविक प्रमाणित है। मेरी खेती की मिट्टी में 1.8% तक कार्बन बढ़ गया है। मेरी मिर्च की फसल में किसी भी तरह का फंगस, वायरस और रसचूसक कीटों से मुक्त है। प्रति एकड़ 400 क्विंटल मिर्च का उत्पादन आ रहा है। विनय सिंह ठाकुर, ग्राम- फुलर, शहपुरा जिला-जबलपुर, मप्र. मो. 8839711955
2. 5 एकड़ से पपीता में 7.5 लाख रु. का उत्पादन
ताराचंद बेलजी तकनीक ऊर्जा विज्ञान के फार्मूले और उत्पाद को अपने 100 गायों के पंचगव्य को मिलाकर मैं 60 एकड़ में प्राकृतिक खेती करता हूँ। मैं केला, पपीता, चना, मक्का, लहसून, प्याज की खेती करता हूँ। ताराचंद बेलजी की ऊर्जा जाँच के अनुसार मेरी खेती में पंचमहाभूत संतुलित हो गए हैं। मेरी खेती की फसलों में अब अमूमन बीमारी नहीं आती है। उपज का स्वाद भी बहुत अच्छा आता है। टीसीबीटी पद्धति के अनुसार मैंने फलों-फूलों की 56 भोग वाटिका भी लगाई है। जिसमें सभी तरह के फलदार, फूलदार, कंद, औषधी और मसालेदार पौधे लगाए हैं। बाबू लाल काग, बड़वानी मप्र. मो.- 9893988639
पहली ही फसल से 3 लाख रूपये की कमाई
2022 में सोशल मिडिया के माध्यम से मेरा संपर्क टीसीबीटी के प्रसिद्ध जैविक किसान श्री लेखराम जी से हुआ। इनसे बातचीत करके मैने टीसीबीटी के फार्मुले ऊर्जा जल, अणु जल, जीवाणु जल, फफूंद भक्षक तरल, अन्न द्रव्य और छाछ द्रव्य रसायन बनाना सीखा। फरवरी 2023 को मैंने अपने डेढ एकड़ क्षेत्र में टीसीबीटी वृक्षायुर्वेद विज्ञान से ग्वारफली की फसल लगाई, दुर्भाग्य से 28 दिन की मेरी फसल ओले से पीट गई। छोटे पौधे टूटकर जमीदोज हो गए। मैं बहुत निराश हुआ तब लेखराम भाई ने कहा कि आप ऊर्जा जल, अणु जल और अन्न द्रव्य रसायन की तीन गुनी मात्रा (600-600 लीटर) जमीन में चला दो। ऐसा करते ही मेरे पौधे पुनः टूटे हुए स्थान के बाजू से निकलकर चल पड़े और ऐसे बढ़े जैसे किसी ने बहुत खाद डाल दिया हो। बहुत अधिक फूल-फल आए। मैंने इस फसल की चार तोड़ाई की। मुझे कुल 3 लाख रुपये की आय प्राप्त हुई। राहुल कुमार, हाथरस, उत्तर प्रदेश, मो. 8954555456
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