मिट्टी को स्वस्थ्य, सजीव और समृद बनान की प्रक्रिया
दो वर्ष में 2 प्रतिशत कार्बन बढ़ाने की कृषि कला
कृषि भूमि की मिट्टी अब बहुत कठोर (सख्त) हो गई है, चिकनी हो गई है, मिट्टी से हवा निकल गई है, मिट्टी की पानी पकड़ने की क्षमता बहुत कम हो गई है, मिट्टी का कार्बन लेवल बहुत घट गया है, ऊपरी 6 इंच की सतह में अति आवश्यक सुक्ष्म खनिज तत्व लगभग समाप्त हो गए हैं। जिसके कारण पौधों में संतुलित विकास नहीं हो रहा है और इन खनिज तत्वों की कमी से फसलों में बीमारी भी बढ़ रही है। मिट्टी का पीएच भी असंतुलित हो गया है, केटाईन एक्सचेंज कैपीसिटी भी अवरूद्ध हो गया है। मिट्टी में फसल को बढ़ाने वाले जीवाणुओं के स्थान पर कीटाणु बहुत ज्यादा बढ़ गए हैं। फंगस,
वायरस, व्हाइट ग्रब्स, तेला, चेपा, माहू, निमोटोड जैसे हानिकारक कीट बहुत ज्यादा बढ़ गए हैं। इस सब का स्थाई समाधान TCBT वृक्षायुर्वेद विज्ञान पिछले 15 वर्षों के अध्ययन और शोध से प्राप्त परिणामों के आधार पर आप सब किसानों को दिया जा रहा है। भारत भर के सैकड़ों किसानों ने TCBT कृषि भूमि उपचार को अपनाकर अपनी मिट्टी को शुद्ध, स्वस्थ्य, सजीव और समृद्ध कर लिया है। अब भी यह प्रक्रिया अपनाएँ और उक्त सभी समस्याओं से स्थाई निदान पाएं, 2 वर्ष में कृषि भूमि में 2% तक कार्बन बढ़ाकर अपनी मिट्टी को मक्खन जैसी मुलायम बनाएँ।



